कार्तिक माह – इस महीने पूरे घर में न करें अंधकार, गुलाबी वस्त्र धारण कर माता लक्ष्मी की करें उपासना

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कार्तिक मास ऐसा महीना है जो भगवान श्री हरि विष्णु और भगवान शिव दोनों को प्रिय है। इस माह श्री हरि योग निद्रा से जागृत होते हैं और सृष्टि में आनंद की वर्षा होती है। मान्यता है कि इस महीने मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को आशीष प्रदान करती हैं। कार्तिक माह का महत्व स्कंद पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण में भी बताया गया है। इस महीने की रात में पूरे घर में अंधेरा करना शुभ नहीं होता है। इस महीने घर में मध्यम प्रकाश रखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं।

इस पावन माह में कुछ विशेष उपाय करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। कार्तिक माह में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। स्नान के पानी में चुटकी भर हल्दी भी डाल लें। भगवान विष्णु की पूजा में चंदन, पीले फूल, पीले चावल, पीले भोग भगवान को अर्पित करें। कार्तिक माह में हर शुक्रवार लाल या सफेद वस्त्र धारण करें। अंगुली में चांदी की अंगूठी या छल्ला धारण करें। कार्तिक माह में हर शुक्रवार मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर के पूजा स्थल पर शुद्ध घी का दीपक जलाएं। तुलसी के पौधे के सामने भी दीपक जलते हैं। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर में शंख और घंटी बजाएं। मां लक्ष्मी को लाल बिंदी, सिंदूर, लाल चुनरी और लाल चूडियां अर्पित करें। इस महीने श्री लक्ष्मी नारायण पाठ करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इस महीने के सूर्य की किरणों का स्नान भी स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। कार्तिक माह में गुलाबी वस्त्र धारण कर माता लक्ष्मी और भगवान श्री हरि विष्णु की उपासना करें। कार्तिक मास में तुलसी का पौधा घर में अवश्य रोपें। दीपदान और दान करें।

इस ग्राफ़ में दी गई बदलाव धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिन्हें केवल सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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